अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र के सपा प्रत्याशी जेल में, संगठन के साथ मिलकर बेटा मांग रहा वोट

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  • May-02-2018

    चक्रव्यूह का पासवर्ड लेकर आया ‘अभिमन्यु’ 

    अप्रैल 2009, कानपुर -  अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी डॉ.कमलेश पाठक जेल में हैं. औरैया में इंजीनियर मनोज गुप्ता की हत्या में नामजद बसपा के विधायक और उनके समर्थकों का विरोध डॉ.पाठक ने किया था और उसके बाद लोग सड़क पर आ गये, पाठक को जेल हो गयी. कानपुर कोर्ट में पेशी पर आते-जाते वक्त परिवारजन और समर्थक उनसे मिलते रहें पर अब चुनाव तक यह भी मुमकिन नहीं. डॉ.पाठक का चुनाव संचालन औरैया सपा के जिलाध्यक्ष को सौंपा गया है, संगठन की ताकत और कॉडर वोट इस सियासी समर में उनकी ताकत है पर संगठन अभी पूरे तेवर में नजर नहीं आ रहा. अलबत्ता पाठक का बेटा अपने चाचाओं के साथ मिलकर सियासी चक्रव्यूह को भेदने के लिए ‘पासवर्ड’ लेकर आया है, इस नए अभिमन्यु ने पेशी के दौरान कचहरी आये अपने पापा से इस चुनाव के बाबत कई गुरुमंत्र लिए हैं. अपने इस ‘पासवर्ड’ के जरिये वह व्यूह का आखिरी द्वार भेदने को बेकरार है.

    पापा के लिए सुबह से तैयारी :  

    बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी यानी बी.डी.एस. के तृतीय वर्ष के छात्र (डॉक्टर) तिलक राज पाठक उर्फ रत्नेश अपने पापा के लिए वोट मांगने निकल पड़ते हैं. लाल रंग की टम्वेरा पर, कुछ युवा साथी और पानी की बोतल. कहाँ जाना है? क्या कहना है? इसकी स्क्रिप्ट जेहन में तैयार है. डिमांड इतनी है कि तय शेड्यूल टूट जाते हैं और तामझाम साथ नहीं रहता. शुभ चाचा ललित पाठक, संतोष और अन्य लोगों से एक बार कोआर्डिनेशन होता है. बुधवार को यह खबर आम हो गयी थी कि डॉ.पाठक चुनाव तक पेशी पर भी कानपुर नहीं आ पायेंगे, ऐसे में कार्यकर्ताओं में जोश भरना पड़ा था. बुधवार को सुबह लालबंगला के शहरी क्षेत्र में रत्नेश पहुँचते हैं. पार्षद अंजला वर्मा, पूर्व पार्षद योगेश कुमार वर्मा समेत कई लोग पहले से वहां मौजूद रहते हैं. बंगाली माहौल के सौ से ज्यादा घरों में व्यक्तिगत संपर्क के दौरान रत्नेश बार-बार यह बताते हैं कि पापा को जेल क्यों हुई? 

    इंजीनियर की हत्या का विरोध किया था : 

    मतदाताओं को एक पम्फलेट बांटा जा रहा है. पाठक ने उसमें लिखा है कि वह बेगुनाह हैं. बताया गया कि वसूली के लिए बसपा विधायक ने इंजीनियर मनोज गुप्ता की हत्या कर दी. इसका विरोध जनता के साथ मिलकर उन्होंने किया था,

    इसलिए सरकार ने जेल भेज दिया.

    चक्रव्यूह का पासवर्ड लेकर आया ‘अभिमन्यु’ अप्रैल 2009, कानपुर -  अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र से

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